कंपनी बिल से सुधरेगा माहौल
डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स के रोटेशन को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की मांग
बहुप्रतीक्षित कंपनी विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पारित हो गया। कंपनी कानूनों को मौजूदा परिदृश्य के हिसाब से बिजनेस के अनुकूल बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। उद्योग जगत ने इस इसे सकारात्मक कदम बताया है। ग्रांट थोरटन इंडिया के नेशनल मैनेजिंग पार्टनर विशेष सी.चंडोक ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद लोकसभा में इसे पारित होने से उनको काफी खुशी है।
इससे कॉरपोरेट गवर्नेंस की स्थिति में सुधार होगा। चंडोक ने यह भी कहा कि कंपनी डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स का रोटेशन भी अच्छा प्रावधान है, लेकिन इसको चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए। इसको सबसे पहले 8,000 लिस्टेड कंपनियों पर लागू किया जाना चाहिए और उसके अनुभव के आधार पर इसे आगे बढ़ाना चाहिए।
ग्रांट थोरटन के एक सर्वे के मुताबिक देशभर में ज्यादातर कंपनियां यह महसूस करती हैं कि ऑडिट के बाजार का विस्तार होना चाहिए। 79 फीसदी कंपनियों का मानना हैकि यदि किसी बड़ी कंपनी के साथ छोटी कंपनी का ऑडिट होगा तो इससे मार्केट कॉन्फिडेंस में बढ़ोतरी होगी। यह सर्वे वैश्विक रिसर्च एजेंसी एक्सपीरिन ने ग्रांट थोरटन इंटरनेशनल बिजनेस रिपोर्ट के हिस्से के रूप में किया था। दुनियाभर की 3000 कपंनियों पर किए गए इस सर्वे में 100 कंपनियां भारत की भी थीं।
मिलेगा सकारात्मक संकेत : मोंटेक
नई दिल्ली - एक के बाद एक दो प्रमुख दो प्रमुख विधेयकों के लोकसभा में पारित होने को योजना आयोग ने सकारात्मक बताया है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया ने बुधवार को कहा कि बैंकिंग और कंपनी बिल पारित होने से निवेशकों में सकारात्मक संकेत जाएगा। इससे यह संदेश मिलेगा कि नीतियों को लेकर भारत में कोई गतिरोध नहीं है।
मंगलवार को पहले बैंकिंग (संशोधन) विधेयक और बाद में देर शाम कंपनी बिल को लोकसभा ने मंजूरी दे दी थी। सीआईआई हेल्थ समिट के मौके पर मोंटेक ने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों के लोकसभा में पारित होन से निवेशकों के सामने यह स्थिति साफ होगी कि नीतिगत गतिरोध नहीं है। (प्रेट्र)







