चालू तिमाही में मिलेंगे निवेश के बड़े मौके
तीन रास्ते
40,000 करोड़ के आईपीओ हो सकते हैं लांच
30,000 करोड़ सरकार जुटाएगी विनिवेश से
30,000 करोड़ मूल्य के शेयर बेचेगी कंपनियां
महंगाई की ऊंची दर, तरलता की दिक्कत और कंपनियों की विकास की दर में भले ही सब कुछ नकारात्मक लगता हो, लेकिन बाजार में अगले तीन महीने में एक लाख करोड़ रुपये आने की संभावना है। यह राशि सार्वजनिक निर्गमों, सरकारी कंपनियों के विनिवेश और कंपनियों में प्रवर्तकों की होल्डिंग घटने से आएगी।
बाजार के विश्लेषकों और मर्चेंट बैंकरों की मानें तो अगले तीन महीने में जो प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम आने हैं, उनसे बाजार में करीब 40,000 करोड़ रुपये आ सकते हैं। सेबी ने इस समय करीब 55 कंपनियों को आईपीओ के लिए मंजूरी दी है और जिस तरह से बांबे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक बुधवार को दो साल के ऊपरी स्तर पर पहुंचा है,
और अगले कुछ दिनों में यह 20,000 का आंकड़ा पार करने की तैयारी कर रहा है, उससे कंपनियों के लिए बाजार में आने का अच्छा मौका है। मर्चेंट बैंकरों के मुताबिक, इस समय एसएमसी ग्लोबल, वी मार्ट, रेपको, एसीबी, साई सिल्क कला मंदिर जैसी दर्जनों कंपनियां आईपीओ लाने की तैयारी में हैं।
उधर, सरकार इन्हीं तीन महीनों में अपने विनिवेश कार्यक्रम से 30,000 करोड़ रुपये की राशि जुटाने की कोशिश करेगी। जबकि, बांड से अगर वह और राशि जुटाने में कामयाब होती है तो यह अलग से पैसा बाजार में आएगा। इसके अलावा, सेबी का जो नियम 75 फीसदी प्रवर्तकों की होल्डिंग वाला जून तक समाप्त हो रहा है, उससे कंपनियों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलेगी।
उम्मीद है कि मार्च, 2013 तक इसमें से 30 हजार करोड़ रुपये की हिस्सेदारी प्रवर्तक घटा लेंगे। हाल के दिनों में अदानी, इरोज इंटरनेशनल आदि कंपनियों ने ऑफर फॉर सेल के जरिए राशि जुटाई हैं। मर्चेंट बैंकर मानते हैं कि कुछ कंपनियां फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) के जरिए भी अपनी हिस्सेदारी कम कर सकती हैं।
गौरतलब है कि दिसंबर के पहले 10 दिनों में 45,000 करोड़ रुपये की राशि बाजार में आई थी।
दिसंबर महीने के पहले हफ्ते में तीन प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आए, जिनमें भारती इंफ्राटेल, केयर रेटिंग और पीसी ज्वेलर्स ने 31,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। आईपीओ के लिए अनुमति पाने वाली इस तरह की कंपनियां अगर अपने निर्गम नहीं लाती हैं तो उनकी तिथि समाप्त हो जाएगी और निर्गम लाने के लिए फिर से सेबी के पास डीआरएचपी फाइल करना होगा।







