विज्ञापन
 
 
 
 

होम व वाहन लोन को तरजीह

 
Source: बिजनेस भास्कर नई दिल्ली   |   Last Updated 03:10(17/11/11)
 
 
 

क्यों बदल गया रुख
कंपनियों की तरफ से घट गई है कर्ज की मांग
मौजूदा कर्जों के भुगतान में भी आ रही है दिक्कत



कॉरपोरेट जगत की तरफ से कर्ज की मांग में आई कमी और मौजूदा कर्जों के भुगतान में आ रही दिक्कत को देखते हुए देश के कई सार्वजनिक बैंक फिलहाल रिटेल लोन का पोर्टफोलियो बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। बैंकों के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में कॉरपोरेट लोन की तुलना में रिटेल लोन पर जोखिम कम है। ऐसी स्थिति में वे रिटेल लोन पर ही ज्यादा से ज्यादा फोकस कर रहे हैं।



 भारतीय स्टेट बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'बिजनेस भास्कर' को बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में कॉरपोरेट लोन की मांग में कमी आई है। बैंक भी इसमें ज्यादा जोखिम को देखते हुए सतर्क हैं। जहां तक रिटेल लोन की बात है, तो उसकी ग्रोथ में स्थिरता है। यही नहीं, मेट्रो शहरों को छोड़ टियर-2 और टियर-3 शहरों में रिटेल लोन की अच्छी मांग है।


चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बैंक क्रेडिट की ग्रोथ 16 फीसदी रही है। इसमें रिटेल लोन की ग्रोथ औसत दर से ज्यादा रही है। स्टेट बैंक के कुल लोन पोर्टफोलियो में रिटेल लोन की हिस्सेदारी 21-22 फीसदी है।  पंजाब नेशनल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कॉरपोरेट लोन की मांग में कमी आई है। उधर, पावर सेक्टर लोन के भुगतान में दिक्कत आ रही है।


पीएनबी ने तमिलनाडु विद्युत बोर्ड को तकरीबन 2000 करोड़ रुपये और राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को 1500-1600 करोड़ रुपये के कर्ज दे रखे हैं जहां से रिपेमेंट की दिक्कत आ रही है। अधिकारी के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में रिटेल लोन में जोखिम कम है। बैंक इसे देखते हुए अपने कुल कर्ज में रिटेल लोन की हिस्सेदारी को मौजूदा 10 फीसदी से बढ़ाकर 13 फीसदी करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।



इंडियन बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार औद्योगिक उत्पादन के ताजा आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि कॉरपोरेट लोन की मांग में कमी आई है। 
बैंकों के लिए इस समय पावर सेक्टर के कर्ज प्रमुख समस्या हैं। तमिलनाडु, राजस्थान और हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को दिए गए कर्जों में भुगतान की समस्या है। बैंक का हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में एक्सपोजर तकरीबन 1600 करोड़ रुपये का है। इसमें से 800 करोड़ रुपये के कर्ज की रिस्ट्रक्चरिंग की मांग आई है।


अधिकारी के अनुसार ऐसी परिस्थितियों में बैंकों के लिए रिटेल लोन पर फोकस करना ज्यादा बेहतर है क्योंकि इस पर जोखिम काफी कम है। कॉरपोरेशन बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बैंक इस समय रिटेल लोन पर ज्यादा से ज्यादा जोर दे रहा है। बैंक फिलहाल व्हीकल लोन (वाहन कर्ज) पर फोकस कर रहा है। बैंक इसके तहत हर जोन में दिसंबर तक कम से कम 500 वाहनों को फाइनेंस करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।

 
 
 
 
 
 
 
 
आपके विचार

 
 
कोड :
3 + 6

 

 
 
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जीवन मंत्र

 
 
 
 
 
 
 
 
 

क्रिकेट

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटोगैलरी

Most Viewed

Amazing Body Paintings
Controversies that rocked B-town
Just Added

करियर कॉलेज में फेयरवेल पार्टी के दौरान स्टूडेंट्स ने बिखेरे रंग
Bollywood Stars at Cannes
 
 
 
विज्ञापन
 
 
| Email  Print Comment
| Email  Print Comment