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टाटा ग्रुप की नींव को और मजबूत करने को तैयार साइरस मिस्त्री

बिजनेस भास्कर मुंबई | Dec 29, 2012, 00:58AM IST
टाटा ग्रुप की नींव को और मजबूत करने को तैयार साइरस मिस्त्री

साइरस मिस्त्री आज संभालेंगे 100 अरब डॉलर का कारोबारी स्तर हासिल कर लेने वाले टाटा ग्रुप की कमान

साइरस मिस्त्री
*   जन्म : 4 जुलाई, 1968 को
*   पढ़ाई : लंदन स्थित इंपीरियल कॉलेज ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड मेडिसिन से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रैजुएशन
    लंदन बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट में मास्टर्स की डिग्री
*   परिवार : उद्योग जगत की जानी-मानी हस्ती शपूरजी पालोनजी मिस्त्री के सबसे छोटे बेटे

कैरियर
*   1991 में अपने पिता की प्रसिद्ध कंपनी शपूरजी पालोनजी कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के बोर्ड में डायरेक्टर बने
*   उनके नेतृत्व में कंपनी का राजस्व 2 करोड़ डॉलर से बढ़कर हो गया 1.5 अरब डॉलर
*   1994 में साइरस बने शपूरजी पालोनजी ग्रुप के प्रबंध निदेशक
*   2006 में टाटा संस के बोर्ड में अपने पिता की जगह डायरेक्टर के तौर पर ली उनके रिटायरमेंट के बाद
*   23 नवंबर, 2011 को टाटा ग्रुप के बोर्ड ने साइरस को सर्वसम्मति से डिप्टी चेयरमैन चुना था
*   29 दिसंबर, 2012 को साइरस संभालेंगे टाटा ग्रुप की कमान

और खास बातें
टाटा पावर और टाटा एलेक्सी के भी डायरेक्टर रह चुके हैं साइरस

युवा चेयरमैन
*   54 साल की उम्र में रतन टाटा बने थे ग्रुप चेयरमैन
*   44 साल की उम्र में साइरस बने हैं टाटा ग्रुप के चेयरमैन
*   143 साल का इतिहास है टाटा ग्रुप का

पिता का टाटा से नाता
*   साइरस के पिता शपूरजी की टाटा संस में 18.5% हिस्सेदारी है।
*   शपूरजी व्यक्तिगत तौर पर टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक हैं।

कैसे हैं साइरस
काफी मेहनती, धैर्यवान, मृदुभाषी, उदार, परोपकारी, व्यावहारिक, पार्टियों से परहेज
साइरस के सामने चैलेंज
80 देशों में फैले टाटा ग्रुप की तकरीबन 100 कंपनियों के टर्नओवर में और ज्यादा बढ़ोतरी सुनिश्चित करना

अपनी शानदार उपलब्धियों से ग्लोबल स्तर पर धाक जमाने वाले रतन टाटा 21 साल तक अपने ग्रुप की बागडोर संभालने के बाद शुक्रवार को रिटायर हो गए। इसके साथ ही रतन टाटा ने साइरस मिस्त्री को अब अपने समूह की कमान सौंप दी है। रतन टाटा ने अपने 75वें जन्म दिन पर यह अहम कदम उठाया। साइरस शनिवार यानी 29 दिसंबर को टाटा ग्रुप के चेयरमैन की कुर्सी पर विराजमान होंगे।


एक खास बात यह भी रही कि रतन टाटा ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन खुद को यहां स्थित अपने ऑफिस से दूर रखा क्योंकि वह अपने जन्म दिन के सिलसिले में पुणे में थे। वहीं, दूसरी ओर साइरस 'बॉम्बे हाउस' यानी टाटा ग्रुप के मुख्यालय में पहले की तरह जरूर आए।


साइरस मिस्त्री को टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद के लिए पूरी तरह से उपयुक्त बनाने की खातिर खुद रतन टाटा ने उन्हें सारे गुर सिखाए हैं। पिछले साल पांच सदस्यीय पैनल ने साइरस को रतन टाटा का वारिस चुना था। साइरस मिस्त्री को रतन टाटा की ही तरह मुदुभाषी, सरल, उदार, परोपकारी एवं व्यावहारिक माना जाता है।


बताया जाता है कि साइरस पार्टियों से परहेज करते हैं। यह भी बताया जाता है कि अपने कामकाज के दौरान अक्सर काफी शांत रहने वाले साइरस फुसर्त के क्षणों में ठहाके मारकर हंसने में पीछे नहीं रहते हैं।


मालूम हो कि साइरस मिस्त्री वर्ष 2006 से ही टाटा ग्रुप से जुड़े रहे हैं। 4 जुलाई, 1968 को जन्मे साइरस दरअसल शपूरजी पालोनजी परिवार से ताल्लुकात रखते हैं। वह शपूरजी पालोनजी मिस्त्री के सबसे छोटे बेटे हैं। साइरस का परिवार ही टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस का सबसे बड़ा प्राइवेट शेयरहोल्डर है। इस परिवार की टाटा ग्रुप में 18.5 फीसदी की हिस्सेदारी है।

  
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