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  • नई सरकार के समक्ष आपूर्ति पक्ष की बाधाओं से निपटने की चुनौती
    महंगाई दर मार्च के लिए घोषित मुद्रास्फीति दर के आंकड़ों से एक बार फिर से सरकार की पेशानी पर बल दिखने लगे हैं। आलू, प्याज और फलों की कीमतों में रही तेजी की वजह से मार्च में थोक मूल्य सूचकांक आधारित (डब्ल्यूपीआई) महंगाई दर उछल कर 5.70 फीसदी पर जा पहुंची जबकि इसमें पिछले कुछ समय से नरमी के रुख दिखाई देने लगे थे। पहले से ही सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था के लिए यह कहीं से अच्छा शगुन नहीं कहा जा सकता। उद्योग जगत का मानना है कि रेपो दर में कटौती किए जाने से देश के इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश धारणा को...
    April 16, 12:05 AM
  • उद्योग क्रांतियों से धरती का मिजाज गर्म
    ग्लोबल वार्मिंग : मौजूदा पर्यावरण नीतियों से 2100 तक तापमान करीब पांच डिग्री बढ़ जाने की आशंका है ग्लोबल वार्मिंग अब उस बिंदु पर आ गया है, जहां समूची दुनिया के लिए खतरनाक हालात पैदा होने लगे हैं। वर्तमान में धरती की सबसे ज्वलंत समस्या है ग्लोबल वार्मिंग। इस समस्या से निजात पाने के लिए जल्द से जल्द कार्बन के उत्सर्जन को कम करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो 2030 तक वायुमंडल से कार्बन निकालना होगा। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन टीम (आईपीसीसी) ने कहा है कि...
    April 16, 12:03 AM
  • उदासीन मतदाता और विकलांग जनादेश
    संदर्भवश - भारतीय समाज में एक बड़ा बौद्धिक वर्ग ऐसा है जो चुनावों पर चर्चा तो करता है, परंतु मतदान के दिन घर बैठा रहता है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में इन दिनों जनता की सरकार चुनने के दौर चल रहे हैं। देश में 16 वीं लोकसभा चुनने का उत्सव शुरू हो चुका है। नौ चरणों में से अब तक जितने चरण हुए हैं, उनमें मतदान का प्रतिशत देखें तो फिलहाल तो आंकड़े उत्साह ही बढ़ा रहे हैं। दूर-दराज के दुर्गम, पहाड़ी प्रदेशों में मतदान का प्रतिशत ७५ प्रतिशत को पार कर गया है। फिर भी यह कहना कठिन है कि उत्साह का यह दौर कब तक...
    April 16, 12:03 AM
  • जीवन में सफलता सूत्र हमारे हाथ की पांच उंगलियों की तरह हैं। जब पांचों सूत्र एकसाथ काम करते हैं, तब मुट्ठी में होता है सफलता का परचम। ये सूत्र चमत्कारिक सफलता दे सकते हैं, पर मात्र सूत्र पढऩे से चमत्कार नहीं हो सकता है। सतत प्रयास, अवलोकन और अभ्यास से ही सफलता के ये सूत्र सिद्ध हो सकते हैं। यहां यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि सफलता पाने में जितने कुशलता, संकल्प और श्रम की आवश्यकता होती है, उससे कहीं अधिक कुशलता, संकल्प और श्रम इस सफलता को बनाए रखने के लिए लगते हैं। ये सूत्र उन दरवाजों की तरह हैं जिनसे...
    April 16, 12:02 AM
  • टीवी, कंप्यूटर, कार... ये सब करें बीमार
    सेहत - इनके इस्तेमाल करने वालों में मोटापा 400 फीसदी और टाइप-2 डायबिटीज 250 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रही है। ज्यों-ज्यों दुनिया के देशों में विकास की रफ्तार बढ़ती जा रही है, वहां सुविधा के साधन भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सुविधा के ये साधन ही अब उनके लिए मुसीबत का सबब भी बनते जा रहे हैं। मसलन, भारत सहित अनेक देशों में कार टीवी और कंप्यूटर लोगों में मोटापे और डायबिटीज का खतरा पैदा कर रहे हैं। मनोरंजन और सहूलियत देने वाली इन चीजों से शारीरिक गतिविधियां 31 कम होती है और ये सुस्ती ही बीमारियों को न्योता देती...
    April 16, 12:02 AM
  • टेक्सटाइल डिजाइनिंग से विदेशों में जॉब
    कैरियर - नई पीढ़ी की पसंद के लिए नई आइडियाज और नई टेक्नोलोजी के साथ यह एरिया युवाओं में लोकप्रिय हो रहा है। बदलते दौर में आज युवाओं के लिए कैरियर के ऐसे कई नए रास्ते खुल गए हैं, जो यूं तो सदियों से मौजूद थे लेकिन अब उनका नया स्वरूप सामने आया है। उन्हीं में से एक है टेक्सटाइल डिजाइनर का। कपड़ों पर डिजाइनिंग तो पहले भी होती थी लेकिन नए जमाने में नई पीढ़ी की पसंद के लिए नई आइडियाज और नई टेक्नोलोजी के साथ यह एरिया युवाओं में खासा लोकप्रिय होता जा रहा है। एक टेक्सटाइल डिजाइनर का काम भी काफी हद तक किसी...
    April 14, 05:58 PM
  • जिस वर्ष प्रॉपर्टी ट्रांसफर हुआ उसी साल लगेगा टैक्स
    एक्सपर्ट एडवाइज़ बलवंत जैन चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, सीएफपी, अपनापैसा डॉट कॉम balwant.jain@apnapaisa.com ज्योति जैन : अजमेर से... मैंने साल 1996 में एक प्लॉट खरीदा था। इसे मैंने सेल एग्रीमेंट के तहत बेचा और जनवरी 2014 में मुझे पूरे पैसे भी मिल गए। खरीदार को जनवरी 2014 में फ्लैट का पजेशन मिल गया और उसने वहां अपना बंगला बनवाना शुरू कर दिया। हालांकि, अभी तक सेल डीड नहीं हुई है। क्या कैपिटल गेन के नजरिए से इस बिक्री को वित्त वर्ष 2013-14 में हुआ माना जाएगा? अगर सेल डीड क्रियान्वित होता है और रजिस्ट्री वित्त वर्ष 2014-15 में होती है तो...
    April 12, 07:33 PM
  • राउंड-अप - 80 हजार लोगों को ट्रेनिंग
    राउंड-अप 80 हजार लोगों को ट्रेनिंग उद्योग संगठन टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल ने विश्वस्तरीय कंपनी सिस्को के साथ गठबंधन किया है। इसके तहत अगले 18 माह में 80,000 लोगों को प्रशिक्षित कर दूरसंचार क्षेत्र के लिए तैयार किया जाएगा। टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल एक ऐसी संस्था है जिसे सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंडियन सेल्यूलर एसोसिएशन और टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस संयुक्त रूप से प्रमोट करते हैं। काउंसिल के सीईओ एसपी कोचर ने कहा कि नेशनल टेलीकॉम पॉलिसी 2012 के मुताबिक तेजी से बढ़ते टेलीकॉम...
    April 12, 12:04 AM
  • अब बने आर्थिक प्रगति के भी पैरोकार
    प्रसंगवश : मोदी ने न सिर्फ गुजरात का तेज विकास किया बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोडऩे में मदद की सदानंद धूमे लेखक अमेरिकन एंटरप्राइस इंस्टीट्यूट में रेजीडेंट फेलो पत्रकार हैं। यहां देश के सर्वाधिक चर्चित विषय पर चर्चा। भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शुमार है जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था लगातार सुचारु रूप से पनप रही है। इन दिनों इस महादेश में लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व यानी चुनावों का दौर है। विगत लंबे समय से देश में सर्वाधिक चर्चा का विषय इन चुनावों में मुख्य विपक्षी दल भारतीय...
    April 12, 12:02 AM
  • बिजनेस मंत्र - अमीर बनने, आगे बढऩे को वॉरेन बफेट के गुर
    जिसे भी आगे बढऩे की तमन्ना है, वह दुनिया के अमीर वॉरेन बफेट को मनी फंडे जरूर जानना चाहता है। बफेट ने जो फंडे बताए हैं,वे उनके देश की अर्थव्यवस्था पर आधारित हैं लेकिन बुनियाद के तौर पर उनकी राय सबके लिए उपयोगी हो सकती हैं। यहां आपको बता दें कि निवेश करने से पहले आप देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की जानकारी अवश्य रखें। जानिए अरबपति वॉरेन बफेट के अमीर बनने के गुर- 1. बांड की तुलना में स्टॉक में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है। इसलिए प्रयास करें कि बांड की तुलना में स्टॉक को वरीयता दें। 2. निवेश...
    April 12, 12:02 AM
  • बीमा उद्योग-विकास में स्थायित्व का मौका
    सफर : वर्षों की आर्थिक अनिश्चितताओं से उत्पन्न चुनौतियों की छाया से बाहर निकलने को जारी है संघर्ष राजेश सूद लेखक मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक हैं। प्रस्तुत आलेख में बीमा उद्योग के भविष्य पर चर्चा विकसित देशों की तुलना मे भारत में जीवन बीमा उद्योग उतना तेजी से नहीं बढ़ पाया जितनी आवश्यकता या अपेक्षा थी। इस उद्योग के सफर में बीसवीं सदी के दौरान कई उतार-चढ़ाव आए हैं लेकिन इक्कीसवीं सदी की शुरूआत यानी वर्ष 2000 में बीमा उद्योग का उदारीकरण होने के बाद से...
    April 11, 09:42 AM
  • आज के दौर में युवाओं के लिए जॉब के जितने अवसर हैं, कंफ्यूजन की आशंका भी उतनी ही रहती है। पहले तो कई युवा यह ही तय नहीं कर पाते कि उन्हें जाना किस फील्ड में है और कुछ युवाओं में अक्सर यह समस्या देखने में आती है कि वे नौकरी लगने के बाद भी इस काफी कंफ्यूज रहते हैं कि क्या उन्होंने जो कैरियर का रास्ता चुना है वह सही है कि नहीं? वे दुविधा भरी स्थिति में रहते हैं और उन्हें दूसरे क्षेत्र आकर्षित करते हैं। इसका असर उनके काम और सोशल लाइफ पर पड़ता है। ऐसे साथी कई बार जोश में गलत निर्णय भी ले लेते हैं और बाद में...
    April 11, 01:10 AM
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